Tuesday, February 9, 2010

खुशी भी दोस्तो से है,

खुशी भी दोस्तो से है,गम भी दोस्तो से है,
तकरार भी दोस्तो से है,प्यार भी दोस्तो से है,
रुठना भी दोस्तो से है,मनाना भी दोस्तो से है,
बात भी दोस्तो से है,मिसाल भी दोस्तो से है,
नशा भी दोस्तो से है,शाम भी दोस्तो से है,
जिन्दगी की शुरुआत भी दोस्तो से है,जिन्दगी मे मुलाकात भी दोस्तो से है,
मौहब्बत भी दोस्तो से है,इनायत भी दोस्तो से है,
काम भी दोस्तो से है,नाम भी दोस्तो से है,
ख्याल भी दोस्तो से है,अरमान भी दोस्तो से है,
ख्वाब भी दोस्तो से है,माहौल भी दोस्तो से है,
यादे भी दोस्तो से है,मुलाकाते भी दोस्तो से है,
सपने भी दोस्तो से है,अपने भी दोस्तो से है,
या यूं कहो यारो,अपनी तो दुनिया ही दोस्तो से

3 comments:

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } said...

कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,
धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,
कलम के पुजारी अगर सो गये तो
ये धन के पुजारी
वतन बेंच देगें।



हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में प्रोफेशन से मिशन की ओर बढ़ता "जनोक्ति परिवार "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ ,

kshama said...

Bahut khoob!

संगीता पुरी said...

अच्‍छी लगी आपकी रचना .. इस नए चिट्ठे के साथ हिन्‍दी चिट्ठा जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!